15+ सतना में घूमने की जगह – Satna Tourist Places in Hindi

5/5 - (1 vote)

Satna Tourist Places :- मध्य प्रदेश के सतना जिले में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं। यह जिला अपने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। सतना में घूमने के लिए अनेक झरने, धार्मिक स्थल, एतेहासिक स्थल है जो आपके टूर को रोमांचित करता है |

सतना में घूमने वाली जगह – Places to visit in Satna, MP

सतना एक खुबसुरत शहर है अगर आप सतना घूमने के बारे में सोच रहें है या प्लान बना रहें है तो आज का आर्टिकल आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है इस ब्लॉग पोस्ट के द्वारा आज हम आपको सतना में घूमने के लिए कौन कौन से प्रमुख पर्यटन स्थल है उनके बारे में पुरी जानकारी देंगे ताकि आप सतना आसानी से घूम सके तो चलिए हम जानते हैं सतना में प्रमुख दर्शनीय स्थल कौन कौन है और क्या खास है यहाँ घूमने के लिए:-  

Table of Contents

चित्रकूट धाम – Chitrakoot Dham, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

चित्रकूट धाम भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह स्थान रामायण काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने 14 वर्ष के वनवास का समय चित्रकूट में बिताया था। चित्रकूट में घूमने के लिए कई जगहें हैं, जिनमें राम घाट, भरत मिलाप, कामतानाथ मंदिर, गुप्त गोदावरी, जानकी कुंड आदि शामिल हैं।

मैहर – Maihar, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मैहर एक ऐतिहासिक नगर है जो अपनी प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। मैहर का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माँ शारदा देवी का मंदिर है। यह मंदिर त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित है और पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय दर्शनीय स्थल है। मैहर में घूमने के लिए अन्य मंदिरों में गोलमाथ मंदिर, बड़ा अखाड़ा मंदिर, त्रिपुर सुंदरी मंदिर आदि शामिल हैं।

पन्नीखोह जलप्रपात – Pannikhoh Falls, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले के मैहर में स्थित पन्नीखोह जलप्रपात एक खूबसूरत और लोकप्रिय पर्यटक स्थल है। यह जलप्रपात लगभग 30 मीटर ऊंचा है और यह एक हरी-भरी घाटी में स्थित है। पन्नीखोह जलप्रपात के चारों ओर घने जंगल हैं जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। पन्नीखोह जलप्रपात तक पहुंचने के लिए सबसे अच्छा तरीका मैहर से है। मैहर से जलप्रपात की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। आप मैहर से टैक्सी या ऑटोरिक्शा से जलप्रपात जा सकते हैं। पन्नीखोह जलप्रपात का सबसे अच्छा समय मानसून के दौरान होता है। मानसून के दौरान जलप्रपात का पानी अधिक प्रवाहित होता है और यह अपनी पूरी सुंदरता में खिल उठता है।

भरहुत स्तूप – Bharhut Stupa, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित भरहुत एक ऐतिहासिक स्थल है जो सतना से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ एक बौद्ध स्तूप है जो अपने शिल्प और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है। भरहुत स्तूप विश्व धरोहर स्थलों में से एक है। भरहुत स्तूप का निर्माण सम्राट अशोक या पुष्यमित्र शुंग के काल में हुआ था। यह स्तूप लगभग 50 मीटर ऊँचा है और इसका व्यास लगभग 120 मीटर है। स्तूप के चारों ओर एक दीवार है, जिस पर कई शिल्प और मूर्तियाँ बनी हैं। भरहुत स्तूप की शिल्प और मूर्तिकला बहुत ही सुंदर और कलात्मक है। इनमें बुद्ध की मूर्तियाँ, जैन धर्म के तीर्थंकरों की मूर्तियाँ और देवी-देवताओं की मूर्तियाँ शामिल हैं। भरहुत स्तूप की मूर्तिकला भारतीय कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान – Panna National Park, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित पन्ना राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है। यह उद्यान अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्रफल 542.67 वर्ग किलोमीटर है। यह उद्यान विंध्यांचल पर्वतमाला के एक हिस्से में स्थित है। उद्यान के चारों ओर घने जंगल हैं। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में बाघों के अलावा, कई अन्य वन्यजीव भी पाए जाते हैं। इनमें तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, और कई तरह के पक्षी शामिल हैं।

शारदा देवी मंदिर – Sharda Devi Temple, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित माँ शारदा देवी मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है और देवी शारदा को समर्पित है। माँ शारदा देवी मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था। यह मंदिर अपने प्राचीन और आकर्षक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर की दीवारों पर देवी-देवताओं की कई सुंदर मूर्तियाँ बनी हुई हैं। माँ शारदा देवी मंदिर एक शक्तिपीठ है। कहा जाता है कि देवी सती का हार यहीं पर गिरा था। इस मंदिर में देवी शारदा की एक विशाल प्रतिमा है, जो सोने और चांदी से बनी हुई है।

माधवगढ़ किला – Madhavgarh Fort, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित माधवगढ़ किला एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यह किला 16वीं शताब्दी में गोंड राजा माधो सिंह द्वारा बनाया गया था। किला सतना शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है। माधवगढ़ किला अपने प्राचीन वास्तुकला और शिल्प के लिए प्रसिद्ध है। किले में कई महल, मंदिर, और बावड़ी हैं। किले की दीवारों पर कई सुंदर चित्र और मूर्तियां बनी हुई हैं। 

बीरसिंघपुर – Birsinghpur, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

बीरसिंघपुर मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित एक छोटा सा शहर है। यह शहर अपने धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे गैवीनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव के पिंडी रूप को समर्पित है। कहा जाता है कि यह पिंडी स्वयंभू है। बीरसिंघपुर में एक अन्य प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे सरभंगा मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर माता सरभंगा को समर्पित है। यह मंदिर अपने प्राचीन और आकर्षक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। बीरसिंघपुर एक शांत और सुंदर शहर है। यह शहर अपने धार्मिक महत्व के अलावा, अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है। यहां कई छोटे-छोटे गांव हैं, जो घने जंगलों और नदियों से घिरे हुए हैं।

गृद्धकूटा पर्वत – Gridhakuta Mountain, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में भी एक गृद्धकूटा पर्वत है। यह पर्वत सतना से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पर्वत अपने धार्मिक, पुरातत्विक और पर्यावरणीय महत्व के लिए प्रसिद्ध है। गृद्धकूटा पर्वत की ऊंचाई लगभग 300 मीटर है। यह पर्वत चारों ओर से घने जंगलों से घिरा हुआ है। पर्वत के शीर्ष पर एक मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में कई प्राचीन शिलालेख और कलाकृतियां हैं।

धारकुंडी आश्रम – Dharkundi Ashram, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

धारकुंडी आश्रम एक प्रसिद्ध धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल है। यह आश्रम अपने अघमर्षण कुंड के लिए प्रसिद्ध है, जिसे महाभारत काल में युधिष्ठिर और यक्ष के बीच प्रसिद्ध संवाद का स्थल माना जाता है। धारकुंडी आश्रम सतना से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है। यह आश्रम एक पहाड़ी पर स्थित है और इसके चारों ओर घने जंगल हैं। आश्रम में कई मंदिर और मठ हैं, जिनमें अघमर्षण कुंड, राम कुंड, और शिव कुंड शामिल हैं। अघमर्षण कुंड एक प्राकृतिक कुंड है जो एक हरी-भरी घाटी में स्थित है। इस कुंड का पानी बहुत ही शुद्ध और पवित्र माना जाता है। कहा जाता है कि इस कुंड में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

रामवन सतना – Ramvan Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित रामवन एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह स्थान भगवान राम के वनवास से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने 14 वर्ष के वनवास का समय रामवन में बिताया था। रामवन सतना से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। रामवन में घने जंगल हैं, जिनमें कई तरह के वृक्ष और पौधे हैं। इन जंगलों में कई तरह के जानवर भी रहते हैं। रामवन में कई मंदिर और मठ भी हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध मंदिर है राम मंदिर। यह मंदिर भगवान राम को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां हैं।

पारस मनिया पर्वत और झरना – Paras Maniya Mountain and Waterfall, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित पारस मनिया पर्वत और झरना एक खूबसूरत और लोकप्रिय पर्यटक स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। पारस मनिया पर्वत सतना से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। यह पर्वत विंध्यांचल पर्वतमाला का एक हिस्सा है। पर्वत की ऊंचाई लगभग 700 मीटर है। पर्वत के शीर्ष पर एक मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। पारस मनिया झरना पर्वत से नीचे की ओर बहता है। झरना लगभग 70 मीटर ऊंचा है। झरने का पानी बहुत ही साफ और ठंडा होता है।

राजा बाबा जलप्रपात – Raja Baba Falls, Satna

सतना में घूमने की जगह (Satna Tourist Places)

मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित राजा बाबा जलप्रपात एक खूबसूरत और लोकप्रिय पर्यटक स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। राजा बाबा जलप्रपात सतना से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जलप्रपात विंध्यांचल पर्वतमाला के एक हिस्से से होकर बहने वाली मानसी गंगा नदी पर स्थित है। जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 50 मीटर है। राजा बाबा जलप्रपात एक हरी-भरी घाटी में स्थित है। जलप्रपात के चारों ओर घने जंगल हैं। जलप्रपात का पानी बहुत ही साफ और ठंडा होता है।

FAQ (सतना घूमने के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) :-

सतना कहाँ है?

सतना मध्य प्रदेश राज्य में स्थित एक जिला है। यह रीवा संभाग के अंतर्गत आता है। सतना जिला उत्तर में उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट जिलों, पूर्व में सीधी जिले, पश्चिम में पन्ना जिले, और दक्षिण में कटनी और उमरिया जिलों से घिरा हुआ है।

सतना में घूमने के लिए सबसे अच्छे समय कौन से हैं?

सतना में घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का होता है। इस समय मौसम सुहावना होता है और तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इस दौरान, आप यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले सकते हैं।

सतना में घूमने के लिए कितना समय चाहिए?

सतना में घूमने के लिए कम से कम 3 से 4 दिन का समय चाहिए। इस समय में आप यहां के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कर सकते हैं। 

सतना में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल कौन से हैं?

सतना में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल निम्नलिखित हैं: चित्रकूट धाम, मैहर, भरहुत स्तूप, बिरसिंहपुर, पन्नीखोह जलप्रपात, धारकुंडी आश्रम, रामवन सतना इत्यादि प्रमुख है |

सतना में कहाँ ठहरें?

सतना में कई अच्छी होटलें और रिसॉर्ट हैं। आप अपनी बजट और पसंद के अनुसार होटल चुन सकते हैं।

सतना में कैसे पहुँचें?

सतना हवाई मार्ग, रेल मार्ग, और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

निष्कर्ष (Discloser):

हमने अपने आज के इस महत्वपूर्ण लेख में आप सभी लोगों को सतना में घूमने की जगह (satna me Ghumne ki Jagah) (tourist places in satna) से सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी है और यह जानकारी अगर आपको पसंद आई है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ और अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करना ना भूले। आपके इस बहुमूल्य समय के लिए धन्यवाद |

अगर आपके मन में हमारे आज के इस लेख के सम्बन्ध में कोई भी सवाल या फिर कोई भी सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आपके द्वारा दिए गए comment का जवाब जल्द से जल्द देने का प्रयास करेंगे और हमारे इस महत्वपूर्ण लेख को अंतिम तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद |

इसे भी पढ़े :-

नोट: यह ब्लॉग पोस्ट सतना के प्रति मेरी आत्मीय भावनाओं का प्रतिबिंब है और इसका उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। 

1 thought on “15+ सतना में घूमने की जगह – Satna Tourist Places in Hindi”

Leave a Comment